India's Largest Free Online Education Platform

Class 7 sanskrit chapter 14 अनारिकाया: जिज्ञासा

Class 7 sanskrit chapter 14- अनारिकाया: जिज्ञासा में हम एक लड़की जिसका नाम अनारिका है ,उसकी जिज्ञासा के बारे में पढ़ने वाले हैं | यह लड़की बहुत ही ज्यादा प्रश्न पूछती है और उसके प्रश्न को सुनकर अच्छे अच्छे जानकार हिल जाते हैं | तो चलिए इस चित्र में आखिर क्या हुआ? इस चीज को जानने के लिए पूरे पाठ को ही पढ़ लेते हैं

Download PDF

Download PDF of Class 7 sanskrit chapter 14 अनारिकाया: जिज्ञासा …click here

Class 7 sanskrit chapter 14 अनारिकाया: जिज्ञासा- Hindi Summary

|एक बार अनारिका सुबह उठने पर महसूस करती है कि उसका मन खुश नहीं है | इसलिए वह अपने घर के बाहर घूमने के लिए जाती है ताकि उसका मन प्रसन्न हो जाए | घूमते समय उसने देखा कि रास्ते सजे हुए हैं | तो उसने सोचा कि ऐसा क्यों है? तब उसे याद आया अरे ! आज तो यहां पर मंत्री जी आने वाले हैं | अब जैसा कि आपको पता है कि अनारिका बहुत जिज्ञासु लड़की थी यानी कि प्रश्न पूछने वाली लड़की थी, तो उसके मन में एक प्रश्न आया कि मंत्री जी यहां किसलिए आएंगे ? वह जल्दी से घर लौट कर आई और अपने पिताजी से पूछी – हे पिता जी ! मंत्री जी यहां पर किसलिए आ रहे हैं ? पिताजी ने बताया- पुत्री !नदी के ऊपर जो नया पुल बनाया गया है, उसी के उद्घाटन के लिए मंत्री जी यहां पर आ रहे हैं | फिर अनारिका ने पूछा पिताजी क्या मंत्री जी ने पुल को बनाया है? अनारिका के पिताजी बोले- नहीं बेटी, पुल को तो मजदूरों ने बनाया है | फिर अनारिका पूछती है – यदि पुल को मजदूरों ने बनाया है तो फिर मंत्री किस लिए आ रहे हैं? फिर पिता जी ने बताया क्योंकि वह हमारे देश के मंत्री हैं, इसलिए आ रहे हैं| फिर अनारिका बोलती है- पिताजी ,बात समझ में आई नहीं, मतलब मंत्री जी ने पुल बनाया नहीं ,तो मंत्री जी उद्घाटन करने क्यों आ रहे हैं? क्या मंत्री जी ने पुल निर्माण के लिए पत्थर दिए थे? पिताजी उसके प्रश्नों से थक कर के बोले- नहीं बेटी! वह तो मजदूर ही पहाड़ से पत्थर लाते हैं | फिर अनारिका पूछी – क्या पत्थर तोड़ने के लिए और पत्थर लाने के लिए मंत्री पैसा देता है? उनके पास धन कहां से आता है ? इन प्रश्नों को सुनकर अनारिका के पिता बोले- यह सारा धन प्रजा सरकार को देती है | इस इस पर अनारिका ज्यादा जिज्ञासु होकर बोली – यदि मजदूर पर्वतों से पत्थर लाते हैं , पुल का निर्माण करते हैं और प्रजा ही सरकार को धन देती है; तो फिर मंत्री ,पुल के उद्घाटन के लिए क्यों आ रहे हैं? इस प्रकार के अनेक प्रश्नों से अनारिका के पिता थक चुके थे और बोले पहले ही मैंने कहा है कि वह हम लोगों के देश के मंत्री हैं, इसलिए वह आ रहे हैं| तू बहुत सवाल करती है , चलो जल्दी से तैयार हो जाओ, स्कूल चलना है | लेकिन अब भी अनारिका के मन में बहुत सारे प्रश्न थे | तो इस प्रकार यह पाठ खत्म हो जाता है |

तो उन प्रश्नों का जवाब हम आपको देते हैं- मजदूर पत्थर लाते हैं , मजदूर पहाड़ तोड़ते हैं ,मजदूर पुल बनाते हैं | उसके ऊपर इंजीनियर होता है वह उनको बताता है कि ऐसे-ऐसे बनाना है | और उनके ऊपर मंत्री होता है | मंत्री एक नेता होता है जो इन सभी चीजों पर देख-रेख करता है| जैसे कि पुराने समय में एक राजा होता था और राजा, प्रजा का हीरो होता था, भले ही राजा खुद से पुल ना बनाए लेकिन राजा के द्वारा ही तो पुल बनवाया जाता है | इसलिए मंत्री जी आ रहे हैं क्योंकि वह हमारे नेता हैं | किसी भी चीज के उद्घाटन के लिए बड़े व्यक्ति को ही बुलाया जाता है | 

Class 7 sanskrit chapter 14 अनारिकाया: जिज्ञासा- English Summary

Once Anarka feels awake in the morning, her heart is not happy. So he goes out of his house to roam so that his mind is pleased. While walking, he saw that the paths were decorated. So he thought why this is? Then he remembered him! Today the minister is going to come here today. Now that you know that Anarka was a very curious girl, that was a girl asking questions, then there was a question in her mind about how the minister would come here. She returned home early and asked her father – father! What are the ministers coming here for? Father said, “Son, daughter is coming here for the inauguration of the new bridge over river.” Then Anarka asked father, did the minister make the bridge? Anarka’s father said, no daughter, the bridge has been built by the laborers. Then Anarka asks – If the bridge has been made by the workers, then what are the ministers coming for? Then Father told me because he is a minister of our country, therefore, he is coming. Then Anarka speaks- Dad, I do not understand the point, meaning the minister has not created a bridge, then how are the minister coming to inaugurate? Did the minister give stones to build the bridge? Dad tired of his questions and said – No daughter! That laborer only brings stones from the mountain. Then Anarka asked – does the minister give money to break stones and bring stones? Where does the money come from? Listening to these questions, Anarka’s father said – all this money is given to the Government. On this, Anarka became more inquisitive by saying – If the workers bring stones from the mountains, they build the bridge and the people give money to the government; Then why are the ministers coming for the inauguration of the bridge? Anarka’s father was tired of many such questions, and I have already said that he is the minister of the people of our country, so he is coming. You ask a lot, let’s get ready quickly, go to school. But still there were lots of questions in Anarka’s mind.

So we answer to those questions – workers bring stones, laborers break mountains, workers create bridges. He is an engineer, he tells them to make such a thing. And he is a minister over them. The minister is a leader who looks after all these things. As if there was a king in the old times and the king was the hero of the people, even if the king did not make a bridge by himself but the bridge was built by the king itself. That’s why the minister is coming because he is our leader. The older person is called for the inauguration of anything. Understand that the Gopi Bahu, so this text ends.

Watch video …..coming soon

4 Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!