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Class 7 sanskrit chapter 6 सदाचार:

Class 7 sanskrit chapter 6 सदाचार: पाठ में हम लोग सदाचार यानी परंपरा क्रम से प्राप्त व्यवहार के बारे में पढ़ने वाले हैं | इस पाठ में छह श्लोक हैं तो चलिए पाठ में exactly क्या हुआ यह पढ़ लेते हैं-

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Class 7 sanskrit chapter 6 सदाचार: Hindi Summary

प्रथम श्लोक में बताया गया है सदाचार क्या होता है ? जिस देश में सभी जातियों तथा सभी-उप जातियों के परंपरा क्रम से प्राप्त व्यवहार यानी आचार ही सदाचार कहलाता है |

द्वितीय श्लोक में बताया गया है कि समय किसी का इंतजार नहीं करता है और मृत्यु भी प्रतीक्षा नहीं करती है इसलिए कल का कार्य आज ही कर लेना चाहिए और आज शाम का कार्य सुबह नहीं कर लेना चाहिए क्योंकि मृत्यु यह नहीं देखती कि आपके द्वारा कार्य किया गया या फिर नहीं

तीसरे श्लोक में बताया गया है कि सत्य बोलना चाहिए प्रिय बोलना चाहिए वहीं दूसरी तरफ अप्रिय सत्य नहीं बोलना चाहिए यानी कि जो सत्य किसी दूसरे को अच्छी नहीं लगती है वह भी नहीं बोलनी चाहिए प्रिय असत्य नहीं बोलना चाहिए इसका मतलब यह हुआ वैसे ही बात जो भी हो जो अच्छी लगे लेकिन झूठ हो वह भी नहीं बोलनी चाहिए तो इस पूरे श्लोक से निष्कर्ष यह निकलता है कि हमें सत्य तो बोलना चाहिए लेकिन वह सत्य नहीं बोलना चाहिए जो किसी के मन को ठेस पहुंचाए वहीं दूसरी तरफ हमें वैसा असत्य भी नहीं बोलना चाहिए जो दूसरों को खुश करें

चौथे श्लोक में यह बताया गया है प्रत्येक मनुष्य को अपने व्यवहार में हमेशा उदारता सत्यता सरलता और कोमलता रखनी चाहिए और कभी भी कुटिलता का व्यवहार यानी टेढ़ापन (crookedness) नहीं रखना चाहिए |

पांचवी श्लोक में बताया गया है कि प्रत्येक मनुष्य को अपने माता पिता गुरुजन और सज्जन पुरुष कि हमेशा मन से कर्म से और अपनी वाणी से हमेशा सेवा करनी चाहिए

कोई भी व्यक्ति अपने ही मित्र के साथ झगड़ा करके कभी भी सुखी नहीं हो सकता है इसलिए आप लोगों को अपने मित्र से झगड़ा नहीं करना चाहिए

Class 7 sanskrit chapter 6 सदाचार: English Summary

What is goodness in the first stanza? In the country in which the behavior of the traditions of all castes and sub-castes, ie behavior is called virtuousness.

It is said in the second stanza that time does not wait for anyone and death does not even wait, so tomorrow’s work should be done today and today’s work should not be done in the morning because death does not see that you acted Gone or not

It is said in the third verse that one should speak the truth and should not speak the unpleasant truth on the other side, that is, the truth which does not look good to anybody, should not speak too dear. It should not be said false. It means the same thing It should also be said that whatever is good but lies should not be spoken, then the conclusion from this whole verse comes out that we should speak the truth but that is not the truth Speaking of someone who hurts someone’s mind, on the other hand, we should not say the same thing as false that makes others happy.

It is said in the fourth stanza that every man should always be generous in his behavior, simplicity and softness should be maintained, and should never be treated as a crookedness.

In the fifth verse, it is said that every man should always serve his parents and gentlemen with all their heart and deeds.

Nobody can ever be happy with a fight with his own friend, so you should not quarrel with your friend.

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22 Comments

  1. First paragraph is wrong please correct it must you have not switch over to new version of book and spelling are also not correct please correct it otherwise your app I find very nice

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