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Class 8 Sanskrit Chapter 12- कः रक्षति कः रक्षितः- Hindi Translation & English Translation

Last Updated on 20/08/2026 by MakeToss

CBSE Ruchira Bhag 3 – Class 8 Sanskrit Chapter 12- कः रक्षति कः रक्षितः – translation in Hindi (Hindi Anuvad), हिंदी अनुवाद, Hindi meaning, Hindi arth, Hindi summary, English Translation, and English Summary, word meanings (शब्दार्थ:), अन्वयः, सरलार्थ, are given for the perfect explanation.

द्वादश: पाठः
कः रक्षति कः रक्षितः
कौन रक्षा करता है? (और) कौन सुरक्षित है?

Translation in Hindi & English (Meaning/Arth/Anuvad)

[प्रस्तुत पाठ स्वच्छता तथा पर्यावरण सुधार को ध्यान में रखकर सरल संस्कृत में लिखा गया एक संवादात्मक पाठ है। हम अपने आस-पास के वातावरण को किस प्रकार स्वच्छ रखें तथा यह भी ध्यान रखें कि नदियों को प्रदूषित न करें, वृक्षों को न काटें, अपितु अधिकाधिक वृक्षारोपण करें और धरा को शस्यश्यामला बनाएँ। प्लास्टिक का प्रयोग कम करके पर्यावरण संरक्षण में योगदान करें। इन सभी बिन्दुओं पर इस पाठ में चर्चा की गई है। पाठ का प्रारंभ कुछ मित्रों की बातचीत से होता है, जो सायंकाल में दिन भर की गर्मी से व्याकुल होकर घर से बाहर निकले हैं-]

[The presented lesson is an interactive lesson written in simple Sanskrit keeping in mind cleanliness and environmental improvement. How should we keep the environment around us clean and also keep in mind that do not pollute the rivers, not cut the trees, but plant more and more trees and make the land green? Contribute to environmental protection by reducing the use of plastic. All these points are discussed in this lesson. The lesson begins with the conversation of some friends, who have come out of the house in the evening distraught from the heat of the day.]

(ग्रीष्मर्तौ सायंकाले विद्युदभावे प्रचण्डोष्मणा पीडितः वैभव: गृहात् निष्क्रामति)

गर्मी के ऋतु में शाम के समय बिजली की अनुपस्थिति में प्रचण्ड गर्मी से पीड़ित वैभव घर से निकलता है।

Vaibhav, who is suffering from severe heat, left the house because there was no electricity in the evening during the summer season.

  • ग्रीष्मर्तौ (ग्रीष्म + ऋतौ) = गर्मी के मौसम में (ग्रीष्म ऋतु में)
  • सायंकाले = शाम के समय (साँझ को)
  • विद्युदभावे (विद्युत् + अभावे) = बिजली न होने पर (Power cut/बिजली के अभाव में)
  • प्रचण्डोष्मणा (प्रचण्ड + ऊष्मणा) = भयंकर गर्मी से (तेज उमस या ताप से)
  • पीडितः = परेशान / व्याकुल / दुःखी
  • वैभवः = वैभव (एक लड़के का नाम)
  • गृहात् = घर से (बाहर)
  • निष्क्रामति = निकलता है।

संधि विच्छेद

  • ग्रीष्मर्तौ = ग्रीष्म + ऋतौ (गुण स्वर संधि)
  • विद्युदभावे = विद्युत् + अभावे (व्यंजन जश्त्व संधि – ‘त्’ का ‘द्’ होना)
  • प्रचण्डोष्मणा = प्रचण्ड + ऊष्मणा (गुण स्वर संधि)

वैभवः – अरे परमिन्दर्! अपि त्वमपि विद्युदभावेन पीडितः बहिरागतः?
परमिन्दर् – आम् मित्र! एकत: प्रचण्डातपकाल: अन्यतश्च विद्युद्भावः परं बहिरागत्यापि पश्यामि यत् वायुवेगः तु सर्वथाऽवरुद्धः। सत्यमेवोक्तम्

Hindi Translation:

वैभव: ओह, परमिंदर! क्या आप बिजली की कमी से पीड़ित होकर बाहर आए हैं?
परमिन्दर: हाँ मित्र ! एक तो भीषण गर्मी है और दूसरी तरफ बिजली की अनुपस्थिति लेकिन जब मैं बाहर आया तो देखता हूँ कि हवा की गति पूरी तरह से अवरुद्ध है। सच ही कहा है –

English Translation:

Vaibhav: Oh, Parmindar! Have you come out suffering from a power outage?
Parmindar: Yes friend! One is scorching heat and on the other side there is the absence of electricity but when I came out I see that the movement of the wind is completely blocked. Well said –

  • वैभवः = वैभव (लड़का)
  • अरे = हे / अरे
  • परमिन्दर्! = परमिन्दर! (मित्र का नाम)
  • अपि = क्या (वाक्य के शुरू में ‘अपि’ का अर्थ ‘क्या’ होता है)
  • त्वम् (त्वमपि = त्वम् + अपि) = तुम
  • अपि = भी
  • विद्युदभावेन (विद्युत् + अभावेन) = बिजली न होने के कारण (बिजली के अभाव से)
  • पीडितः = परेशान होकर / दुःखी होकर
  • बहिरागतः (बहिः + आगतः) = बाहर आए हो?
  • परमिन्दर् = परमिन्दर (दूसरा लड़का)
  • आम् = हाँ
  • मित्र! = दोस्त!
  • एकतः = एक तरफ तो
  • प्रचण्डातपकालः (प्रचण्ड + आतप + कालः) = भयंकर धूप/गर्मी का समय
  • अन्यतश्च (अन्यतः + च) = और दूसरी तरफ (अन्यतः = दूसरी तरफ, च = और)
  • विद्युद्भावः (विद्युत् + अभावः) = बिजली का न होना (पावर कट)
  • परम् = लेकिन / परन्तु
  • बहिरागत्यापि (बहिः + आगत्य + अपि) = बाहर आकर भी (बहिः = बाहर, आगत्य = आकर, अपि = भी)
  • पश्यामि = देखता हूँ
  • यत् = कि
  • वायुवेगः = हवा की गति (हवा का चलना)
  • तु = तो
  • सर्वथाऽवरुद्धः (सर्वथा + अवरुद्धः) = पूरी तरह से रुकी हुई है (सर्वथा = हर तरह से, अवरुद्धः = थमी हुई/रुकी हुई)
  • सत्यमेवोक्तम् (सत्यम् + एव + उक्तम्) = सच ही कहा गया है (सत्यम् = सच, एव = ही, उक्तम् = कहा गया है)

महत्वपूर्ण संधि-विच्छेद

  • त्वमपि = त्वम् + अपि (व्यंजन संयोग)
  • विद्युदभावेन = विद्युत् + अभावेन (व्यंजन जश्त्व संधि)
  • बहिरागतः = बहिर + आगतः / बहिः + आगतः (विसर्ग संधि)
  • अन्यतश्च = अन्यतः + च (विसर्ग सत्व संधि)
  • बहिरागत्यापि = बहिः + आगत्य + अपि (आगत्य में ‘आ + गम् + ल्यप्’ प्रत्यय है)
  • सर्वथाऽवरुद्धः = सर्वथा + अवरुद्धः (दीर्घ स्वर संधि – अवग्रह रूप)
  • सत्यमेवोक्तम् = सत्यम् + एव + उक्तम् (एव + उक्तम् में गुण संधि है)

प्राणिति पवनेन जगत् सकलं, सृष्टिर्निखिला चैतन्यमयी।
क्षणमपि न जीव्यतेऽनेन विना, सर्वातिशायिमूल्य: पवनः ।।

अन्वयः – सकलं जगत् पवनेन प्राणिति, निखिला सृष्टि: चैतन्यमयी। अनेन विना क्षणम् अपि न जीव्यते, पवनः सर्वातिशायिमूल्य:।

सरलार्थ/Hindi Translation: सारी दुनियाँ हवा के द्वारा प्राणवान है, सम्पूर्ण सृष्टि सचेत है। इसके बिना पल भर भी नहीं जी सकते, वायु सबसे अधिक मूल्यवान है।

English Translation: The whole world is alive with air, the whole creation is conscious. Can’t live without it even for a moment, air is most valuable.

  • प्राणिति = जीवित रहता है / साँस लेता है।
  • पवनेन = हवा के द्वारा (वायु से)।
  • जगत् = संसार / दुनिया।
  • सकलम् = सम्पूर्ण / पूरा।
  • सृष्टिर्निखिला (सृष्टिः + निखिला) = पूरी सृष्टि (सृष्टिः = संसार/रचना, निखिला = सारी/सम्पूर्ण)।
  • चैतन्यमयी = चेतना से युक्त / सजीव (प्राणवान)।
  • क्षणमपि (क्षणम् + अपि) = एक पल भी (क्षणम् = पल, अपि = भी)।
  • = नहीं।
  • जीव्यतेऽनेन (जीव्यते + अनेन) = इसके द्वारा जिया जाता है (जीव्यते = जिया जाता है, अनेन = इसके/हवा के)।
  • विना = बिना (रहित)।
  • सर्वातिशायिमूल्यः (सर्व + अतिशायी + मूल्यः) = सबसे अधिक मूल्यवान (सबकी तुलना में सबसे कीमती)।
  • पवनः = पवन / हवा।

संधि विच्छेद

  • सृष्टिर्निखिला = सृष्टिः + निखिला (विसर्ग का ‘र्’ होना – विसर्ग ऋत्व संधि)
  • क्षणमपि = क्षणम् + अपि (व्यंजन संयोग)
  • जीव्यतेऽनेन = जीव्यते + अनेन (पूर्वरूप स्वर संधि – अवग्रह रूप)
  • सर्वातिशायिमूल्यः = सर्व + अतिशायी + मूल्यः (सर्व + अतिशायी = सर्वातिशायी [दीर्घ संधि])

विनयः – अरे मित्र! शरीरात् न केवलं स्वेदबिन्दवः अपितु स्वेदधारा: इव प्रस्त्रवन्ति स्मृतिपथमायाति शुक्लमहोदयैः रचित: श्लोकः।

Hindi Translation:

विनय: अरे दोस्त! शरीर से न सिर्फ पसीने की बूँदें ही बल्कि पसीने की धाराएँ बह रही है। शुक्लमहोदय के द्वारा रचित एक श्लोक स्मरण हो रहा है।

English Translation:

Vinay: Hey buddy! Not only drops of sweat but streams of sweat are flowing from the body. A verse composed by Shuklamahoday is being remembered.

  • विनयः = विनय (तीसरे लड़के का नाम)
  • अरे = हे / अरे
  • मित्र! = दोस्त!
  • शरीरात् = शरीर से
  • = नहीं
  • केवलम् = सिर्फ / केवल
  • स्वेदबिन्दवः = पसीने की बूँदें (स्वेद = पसीना, बिन्दवः = बूँदें)
  • अपितु = बल्कि / बल्कि इसके विपरीत
  • स्वेदधाराः = पसीने की धाराएँ / नदियाँ
  • इव = की तरह / के समान
  • प्रस्त्रवन्ति = बह रही हैं / निकल रही हैं
  • स्मृतिपथमायाति (स्मृतिपथम् + आयाति) = याद आ रहा है (स्मृतिपथम् = यादों के रास्ते पर, आयाति = आता है)
  • शुक्लमहोदयैः = शुक्ल महोदय द्वारा (आदरणीय शुक्ल जी द्वारा रचित)
  • रचितः = लिखा गया / रचा गया
  • श्लोकः = श्लोक

महत्वपूर्ण संधि-विच्छेद

  • शरीरात् न = शरीराण्ण (व्यंजन अनुनासिक संधि – ‘त्’ का ‘न्’ होना, पाठ में यह ‘शरीरात् न’ या ‘शरीराण्ण’ लिखा हो सकता है)
  • स्मृतिपथमायाति = स्मृतिपथम् + आयाति (व्यंजन संयोग)

तप्तैर्वाताघातैरवितुं लोकान् नभसि मेघाः,
आरक्षिविभागजना इव समये नैव दृश्यन्ते॥

अन्वयः – लोकान् तप्तै: वाताघातै: अवितुं आरक्षिविभागजना इव समये नभसि मेघाः नैव दृश्यन्ते।

सरलार्थ/Hindi Translation: दुनियाँ को गर्म लू के कहर से बचाने के लिए पुलिस वालों की तरह समय पर आसमान में मेघ दिखाई नहीं दे रहे हैं।

English Translation: To save the world from the injury of heat, clouds are not visible in the sky like policemen on time.

  • तप्तैर्वाताघातैरवितुं (तप्तैः + वात-आघातैः + अवितुम्):
    • तप्तैः = गर्म / तपते हुए
    • वाताघातैः = हवा के थपेड़ों से (लू से)
    • अवितुम् = रक्षा करने के लिए
  • लोकान् = लोगों की (संसार की)
  • नभसि = आकाश में
  • मेघाः = बादल
  • आरक्षिविभागजनाः (आरक्षि-विभाग-जनाः) = पुलिस विभाग के लोग (पुलिसवाले)
  • इव = की तरह / के समान
  • समये = (मुसीबत के) समय पर / ऐन वक्त पर
  • नैव (न + एव) = नहीं ही (न = नहीं, एव = ही)
  • दृश्यन्ते = दिखाई देते हैं

संधि विच्छेद

  • तप्तैर्वाताघातैरवितुं = तप्तैः + वात + आघातैः + अवितुम् (तप्तैः + वात = तप्तैर्वात [विसर्ग ऋत्व संधि]; वात + आघातैः = वाताघातैः [दीर्घ संधि]; वाताघातैः + अवितुम् = वाताघातैरवितुम् [विसर्ग ऋत्व संधि])
  • नैव = न + एव (वृद्धि स्वर संधि)

परमिन्दर् – आम् अद्य तु वस्तुत: एव-

Hindi Translation: परमिन्दर : हाँ, आज तो असल में ही –

English Translation: Parminder: Yes, today it is definitely –

  • परमिन्दर् = परमिन्दर (मित्र का नाम)
  • आम् = हाँ
  • अद्य = आज
  • तु = तो
  • वस्तुतः = वास्तव में / सचमुच
  • एव = ही

निदाघतापतप्तस्य, याति तालु हि शुष्कताम्।
पुंसो भयार्दितस्येव, स्वेदवज्जायते वपुः।।

अन्वयः – निदाघतापतप्तस्य तालु हि शुष्कताम् याति। भयादि: पुंसो तस्येव वपुः स्वेदवत् जायते।

सरलार्थ/Hindi Translation: गर्मी की तपिश से झुलसे व्यक्ति का तालू सूख जाता है। डरे हुए मनुष्य के तरह शरीर पसीने से तर हो जाता है।

English Translation: The palate of a person who is scorched by the heat of the summer becomes dry. The body becomes perspiring like a frightened man.

  • निदाघतापतप्तस्य (निदाघ + ताप + तप्तस्य) = गर्मी के कष्ट से तपे हुए (मनुष्य) का (निदाघ = गर्मी, ताप = कष्ट/तपिश, तप्तस्य = तपे हुए का)
  • याति = हो जाता है / पहुँच जाता है
  • तालु = तालू (मुँह के अंदर का ऊपरी हिस्सा)
  • हि = निश्चित ही / वास्तव में
  • शुष्कताम् = सूखेपन को (सूख जाता है)
  • पुंसो (पुंसः) = पुरुष का / मनुष्य का
  • भयार्दितस्येव (भयार्दितस्य + इव) = भय से पीड़ित व्यक्ति के समान (भय = डर, अर्दितस्य = पीड़ित का, इव = समान/तरह)
  • स्वेदवज्जायते (स्वेदवत् + जायते) = पसीने से युक्त हो जाता है (स्वेदवत् = पसीने से तर, जायते = हो जाता है)
  • वपुः = शरीर

संधि विच्छेद

  • भयार्दितस्येव = भयार्दितस्य + इव (गुण स्वर संधि)
  • स्वेदवज्जायते = स्वेदवत् + जायते (व्यंजन श्चुत्व संधि – ‘त्’ का ‘ज्’ होना)

जोसेफ: – मित्राणि! यत्र-तत्र बहुभूमिकभवनानां, भूमिगतमार्गाणाम्, विशेषतः मैट्रोमार्गाणां, उपरिगमिसेतूनाम् मार्गेत्यादीनां निर्माणाय वृक्षाः कर्त्यन्ते तर्हि अन्यत् किमपेक्ष्यते अस्माभिः? वयं तु विस्मृतवन्तः एव-

Hindi Translation:

जोसफ: – दोस्तों ! जहां-तहाँ बहुमंजिला इमारतों के, भूमिगत सड़कों के, खासकर मेट्रो रास्तों के, फ्लाई ओवर सड़कों आदि के निर्माण के लिए पेड़ काटे जाते हैं तो हमारे द्वारा क्या उम्मीद किया जा सकता है? हम तो भूल ही गए हैं –

English Translation:

Joseph:- Friends! Wherever trees are cut for the construction of multi-storied buildings, underground roads, especially metro roads, fly-over roads, etc. So what can we expect? We have forgotten

  • जोसेफः = जोसेफ (चौथे मित्र का नाम)
  • मित्राणि! = हे मित्रों! / दोस्तों!
  • यत्र-तत्र = जहाँ-तहाँ / यहाँ-वहाँ
  • बहुभूमिकभवनानाम् = बहुमंजिला इमारतों के (मल्टी-स्टोरी बिल्डिंग्स के)
  • भूमिगतमार्गाणाम् = अंडरग्राउंड रास्तों के (जैसे अंडरपास या सबवे के)
  • विशेषतः = खास तौर पर / विशेष रूप से
  • मैट्रोमार्गाणाम् = मेट्रो के रास्तों (ट्रैक्स) के
  • उपरिगमिसेतूनाम् = फ्लाईओवरों के (ऊपर से जाने वाले पुलों के)
  • मार्गेत्यादीनाम् (मार्ग + इत्यादिनाम्) = रास्तों आदि के
  • निर्माणाय = निर्माण के लिए (बनाने के लिए)
  • वृक्षाः = पेड़
  • कर्त्यन्ते = काटे जा रहे हैं
  • तर्हि = तो
  • अन्यत् = दूसरी / और कोई
  • किम् = क्या
  • अपेक्ष्यते = उम्मीद की जा सकती है / अपेक्षा की जा सकती है
  • अस्माभिः = हमारे द्वारा (हमसे)
  • वयम् = हम सब
  • तु = तो
  • विस्मृतवन्तः = भूल गए हैं
  • एव = ही

संधि विच्छेद

  • मार्गेत्यादीनाम् = मार्ग + इत्यादिनाम् (गुण स्वर संधि; ‘इत्यादीनाम्’ में ‘इति + आदीनाम्’ यण् संधि है)

एकेन शुष्कवृक्षेण दह्यमानेन वह्निना।
दह्यते तद्वनं सर्वं कुपुत्रेण कुलं यथा ॥

अन्वयः – यथा कुपुत्रेण कुलं वह्निना दह्यमानेन एकेन शुष्कवृक्षेण तद् सर्वं वनं दह्यते।

सरलार्थ/Hindi Translation: जिस प्रकार एक बुरे पुत्र के द्वारा कुल का नाश हो जाता है उसी प्रकार एक सूखा पेड़ आग के द्वारा जलाए जाने पर उस पूरे जंगल को जला देता है।

English Translation: Just as a clan is destroyed by a bad son, in the same way a dry tree burns the whole forest when it is set on fire.

  • एकेन = एक ही
  • शुष्कवृक्षेण = सूखे पेड़ के द्वारा (सूखे वृक्ष से)
  • दह्यमानेन = जलाए जाने पर
  • वह्निना = अग्नि के द्वारा (आग से)
  • दह्यते = जल जाता है
  • तद्वनम् (तत् + वनम्) = वह वन (वह जंगल)
  • सर्वम् = सारा / पूरा
  • कुपुत्रेण = कुपुत्र के द्वारा (बुरे बेटे से)
  • कुलम् = कुल / वंश / परिवार
  • यथा = जिस प्रकार / जैसे

संधि विच्छेद

  • तद्वनम् = तत् + वनम् (व्यंजन जश्त्व संधि – ‘त्’ का ‘द्’ होना)

परमिन्दर् – आम् एतदपि सर्वथा सत्यम्। आगच्छन्तु नदीतीरं गच्छामः। तत्र चेत् काञ्चित् शान्तिं प्राप्तुं शक्ष्येम

Hindi Translation:

परमिन्दर: हाँ, यह भी बिल्कुल सच है। चलो नदी किनारे चलते हैं। वहां कुछ शांति पा सकते हैं।

English Translation:

Parmindar: Yes, this is also absolutely true. Let’s go to the river bank. We can find some peace there.

  • परमिन्दर् = परमिन्दर (मित्र का नाम)
  • आम् = हाँ
  • एतदपि (एतत् + अपि) = यह भी
  • सर्वथा = पूरी तरह से / बिल्कुल
  • सत्यम् = सच है
  • आगच्छन्तु = आइए / आओ सब
  • नदीतीरम् = नदी के किनारे (नदी के तट पर)
  • गच्छामः = चलते हैं
  • तत्र = वहाँ
  • चेत् = यदि / शायद
  • काञ्चित् = कुछ / थोड़ी बहुत
  • शान्तिम् = शान्ति (राहत / चैन)
  • प्राप्तुम् = पाने में
  • शक्ष्येम = समर्थ हो सकेंगे (कामयाब होंगे)

संधि विच्छेद

  • एतदपि = एतत् + अपि (व्यंजन जश्त्व संधि – ‘त्’ का ‘द्’ होना)
  • नदीतीरम् = नदीनाम् तीरम् (षष्ठी तत्पुरुष समास – नदियों का किनारा)
  • प्राप्तुम् = प्र + आप् + तुमुन् (तुमुन् प्रत्यय, ‘पाने के लिए’ के अर्थ में)
  • शक्ष्येम = शक् धातु, विधिलिङ् लकार (या उत्तम पुरुष बहुवचन रूप – ‘हम पा सकें’)

(नदीतीरं गन्तुकामा: बालाः यत्र-तत्र अवकरभाण्डारं दृष्ट्वा वार्तालापं कुर्वन्ति)

Hindi Translation: नदी किनारे जाने को आतुर बच्चे यहाँ-वहाँ कचरे के ढेर को देखकर बातें करते हैं।

English Translation: Eager to go to the river bank, the children talk looking at the garbage heaps here and there.

  • नदीतीरं = नदी के किनारे / नदी के तट पर
  • गन्तुकामाः (गन्तुम् + कामाः) = जाने की इच्छा रखने वाले / जाने के इच्छुक
  • बालाः = बच्चे (सारे मित्र)
  • यत्र-तत्र = जहाँ-तहाँ / यहाँ-वहाँ
  • अवकरभाण्डारम् = कूड़े के ढेर को (अवकर = कूड़ा/कचरा, भाण्डारम् = ढेर/भंडार)
  • दृष्ट्वा = देखकर
  • वार्तालापम् = बातचीत (संवाद)
  • कुर्वन्ति = करते हैं।

(Grammar Highlights)

  • गन्तुकामाः = गन्तुम् + कामाः (तुमुन् प्रत्यय के ‘म्’ का लोप होकर समास बना है, जिसका अर्थ है ‘जाने की इच्छा वाले’)
  • दृष्ट्वा = दृश् (देखना) + क्त्वा प्रत्यय (करके के अर्थ में)

जोसेफः – पश्यन्तु मित्राणि यत्र-तत्र प्लास्टिकस्यूतानि अन्यत् चावकरं प्रक्षिप्तमस्ति। कथ्यते यत् स्वच्छता स्वास्थ्यकरी परं वयं तु शिक्षिताः अपि अशिक्षित इवाचराम: अनेन प्रकारेण…
वैभवः – गृहाणि तु अस्माभिः नित्यं स्वच्छानि क्रियन्ते परं किमर्थं स्वपर्यावरणस्य स्वच्छतां प्रति ध्यानं न दीयते

Hindi Translation:

जोसफ: देखो, दोस्तों, यहाँ-वहाँ प्लास्टिक की थैलियां और अन्य कचरा फेंका हुआ है। कहा जाता है कि स्वच्छता स्वास्थ्य की जननी है लेकिन इस तरह तो हम शिक्षित होते हुए भी अशिक्षित लोगों की तरह व्यवहार करते हैं
वैभव: हम घरों को रोज साफ रखते हैं लेकिन हम अपने पर्यावरण की सफाई पर ध्यान क्यों नहीं देते

English Translation:

Joseph: Look, guys, there are plastic bags and other garbage thrown here and there. It is said that cleanliness is the mother of health but in this way, we behave like uneducated people even though we are educated.
Vaibhav: We keep our homes clean every day but why don’t we pay attention to the cleanliness of our environment

  • जोसेफः = जोसेफ
  • पश्यन्तु = देखो / देखिए
  • मित्राणि! = मित्रों! / दोस्तों!
  • यत्र-तत्र = जहाँ-तहाँ / यहाँ-वहाँ
  • प्लास्टिकस्यूतानि = प्लास्टिक की थैलियाँ (प्लास्टिक के बैग्स)
  • अन्यत् = दूसरा / अन्य
  • चावकरम् (च + अवकरम्) = और कचरा (च = और, अवकरम् = कूड़ा)
  • प्रक्षिप्तमस्ति (प्रक्षिप्तम् + अस्ति) = फेंका हुआ है (प्रक्षिप्तम् = फेंका हुआ, अस्ति = है)
  • कथ्यते = कहा जाता है
  • यत् = कि
  • स्वच्छता = साफ-सफाई
  • स्वास्थ्यकरी = स्वास्थ्य के लिए अच्छी होती है (सेहत बनाने वाली है)
  • परम् = लेकिन / परन्तु
  • वयम् = हम सब
  • तु = तो
  • शिक्षिताः = पढ़े-लिखे (शिक्षित)
  • अपि = भी
  • अशिक्षित इवाचरामः (अशिक्षितः + इव + आचरामः) = अनपढ़ों की तरह व्यवहार करते हैं (अशिक्षितः = अनपढ़, इव = की तरह, आचरामः = व्यवहार/आचरण करते हैं)
  • अनेन = इस
  • प्रकारेण = प्रकार से / तरीके से…
  • वैभवः = वैभव
  • गृहाणि = घरों को
  • तु = तो
  • अस्माभिः = हमारे द्वारा (हम सब)
  • नित्यम् = रोज़ / हमेशा
  • स्वच्छानि = साफ
  • क्रियन्ते = किए जाते हैं (हम रोज़ घर साफ करते हैं)
  • परम् = लेकिन
  • किमर्थम् = किसलिए / क्यों
  • स्वपर्यावरणस्य (स्व + पर्यावरणस्य) = अपने पर्यावरण की (स्व = अपने)
  • स्वच्छताम् = स्वच्छता को / सफाई को
  • प्रति = की ओर / के प्रति
  • ध्यानम् = ध्यान
  • = नहीं
  • दीयते = दिया जाता है

महत्वपूर्ण संधि-विच्छेद

  • चावकरम् = च + अवकरम् (दीर्घ स्वर संधि)
  • प्रक्षिप्तमस्ति = प्रक्षिप्तम् + अस्ति (व्यंजन संयोग)
  • अशिक्षित इवाचरामः = अशिक्षितः + इव + आचरामः (अशिक्षितः + इव = अशिक्षितेव [विसर्ग लोप]; इव + आचरामः = इवाचरामः [दीर्घ संधि])

विनयः – पश्य-पश्य उपरित: इदानीमपि अवकर: मार्गे क्षिप्यते। (आहूय) महोदये! कृपां कुरु मार्गे एतत् तु सर्वथा अशोभनं कृत्यम्। अस्मद्सदृशेभ्यः बालेभ्यः भवतीसदृशैः एवं संस्कारा देया:।

Hindi Translation:

विनय: देखो, देखो, ऊपर से अभी भी सड़क पर कचरा फेंका जा रहा है। (बुलाकर) मैडम! रास्ते पर मेहरबानी कीजिए यह तो बिल्कुल अशोभनीय हरकत है। हम जैसे बच्चों को आप जैसों के द्वारा ऐसे संस्कार दिए जाते हैं।

English Translation:

Vinay: Look, garbage is still being dumped on the road from above. (calling) Madam! Please be kind on the way, this is an absolutely indecent act. Children like us are given such values by people like you.

  • विनयः = विनय (लड़के का नाम)
  • पश्य-पश्य = देखो-देखो।
  • उपरितः = ऊपर से।
  • इदानीमपि (इदानीम् + अपि) = इस समय भी / अब भी।
  • अवकरः = कूड़ा-कचरा।
  • मार्गे = रास्ते में (सड़क पर)।
  • क्षिप्यते = फेंका जा रहा है।
  • (आहूय) = (पुकारकर / आवाज देकर)।
  • महोदये! = हे महोदया! / हे देवी! (ऊपर कचरा फेंकने वाली महिला को संबोधित करते हुए)।
  • कृपाम् = कृपा (दया)।
  • कुरु = करो (कृपा करो / मान जाओ)।
  • मार्गे = रास्ते पर।
  • एतत् = यह।
  • तु = तो।
  • सर्वथा = पूरी तरह से / बिल्कुल।
  • अशोभनम् = अशोभनीय / गलत / शोभा न देने वाला।
  • कृत्यम् = कार्य / काम है।
  • अस्मद्सदृशेभ्यः (अस्मद् + सदृशेभ्यः) = हम जैसों के लिए।
  • बालेभ्यः = बच्चों के लिए (हम जैसे बच्चों को)।
  • भवतीसदृशैः (भवती + सदृशैः) = आप जैसों के द्वारा।
  • एवम् = इस प्रकार के / ऐसे।
  • संस्काराः (संस्कारा) = संस्कार / अच्छी आदतें।
  • देयाः (देया) = दिए जाने चाहिए।

महत्वपूर्ण संधि-विच्छेद और व्याकरण

  • इदानीमपि = इदानीम् + अपि (व्यंजन संयोग)
  • अस्मद्सदृशेभ्यः = अस्मद् + सदृशेभ्यः (व्यंजन संधि)
  • देयाः = दा + यत्/अनीयर् प्रत्यय (यहाँ ‘देने योग्य’ या ‘दिए जाने चाहिए’ के अर्थ में कर्मवाच्य रूप है)

रोजलिन् – आम् पुत्र! सर्वथा सत्यं वदसि। क्षम्यन्ताम्। इदानीमेवागच्छामि।
(रोजलिन् आगत्य बालैः साकं स्वक्षिप्तमवकरं मार्गे विकीर्णमन्यदवकरं चापि सङ्गृह्य अवकरकण्डोले पातयति)

Hindi Translation:

रोज़लिन: हाँ, बेटा! बिल्कुल सच कह रहे हो तुम। मुझे माफ़ करो। मैं अभी आ रहा हूँ।
(रोसलिन आकर बालकों के साथ अपने अपने द्वारा फेके गए कचरे और रास्ते पर फैले हुए अन्य कचरे को इकट्ठा करके कचरे के डिब्बे में गिरा देती है।)

English Translation:

Roslin: Yes, son! You are telling absolutely true. I’m sorry I’m just coming
(Roslin comes and collects the garbage she has thrown and other garbage strewn on the road with the children and drops it in the dustbin.)

  • रोजलिन् = रोज़लिन (महिला का नाम)
  • आम् = हाँ
  • पुत्र! = बेटा!
  • सर्वथा = पूरी तरह से / बिल्कुल
  • सत्यम् = सच
  • वदसि = बोल रहे हो / कहते हो
  • क्षम्यन्ताम् = मुझे माफ़ कर दो (क्षमा करें)
  • इदानीमेवागच्छामि (इदानीम् + एव + आगच्छामि) = अभी ही नीचे आती हूँ (इदानीम् = अब/इस समय, एव = ही, आगच्छामि = आती हूँ)
  • रोजलिन् = रोज़लिन
  • आगत्य = आकर (नीचे आकर)
  • बालैः = बच्चों के
  • साकम् = साथ
  • स्वक्षिप्तमवकरम् (स्व + क्षिप्तम् + अवकरम्) = अपने द्वारा फेंके गए कूड़े को (स्व = अपने, क्षिप्तम् = फेंके गए, अवकरम् = कूड़े को)
  • मार्गे = रास्ते पर / सड़क पर
  • विकीर्णमन्यदवकरम् (विकीर्णम् + अन्यद् + अवकरम्) = बिखरे हुए दूसरे कचरे को (विकीर्णम् = फैले/बिखरे हुए, अन्यद् = दूसरे, अवकरम् = कूड़े को)
  • चापि (च + अपि) = और भी (च = और, अपि = भी)
  • सङ्गृह्य = इकट्ठा करके / बटोरकर
  • अवकरकण्डोले = कूड़ेदान में (Dustbin में)
  • पातयति = डालती है।

महत्वपूर्ण संधि-विच्छेद और व्याकरण

  • इदानीमेवागच्छामि = इदानीम् + एव + आगच्छामि (एव + आगच्छामि में दीर्घ स्वर संधि है)
  • आगत्य = आ + गम् + ल्यप् प्रत्यय (आकर के अर्थ में)
  • सङ्गृह्य = सम् + ग्रह् + ल्यप् प्रत्यय (इकट्ठा करके के अर्थ में)
  • बालैः साकम् = ‘साकम्’ (साथ) के योग में तृतीया विभक्ति का प्रयोग हुआ है (बालैः)
  • विकीर्णमन्यदवकरम् = विकीर्णम् + अन्यत् + अवकरम् (व्यंजन जश्त्व संधि – ‘त्’ का ‘द्’ होना)

बालाः – एवमेव जागरूकतया एव प्रधानमन्त्रिमहोदयानां स्वच्छताऽभियानमपि गतिं प्राप्स्यति।
विनयः – पश्य पश्य तत्र धेनु: शाकफलानामावरणैः सह प्लास्टिकस्यूतमपि खादति।यथाकथञ्चित् निवारणीया एषा

(मार्गे कदलीफलविक्रेतारं दृष्ट्वा बाला: कदलीफलानि क्रीत्वा धेनुमाह्वयन्ति भोजयन्ति च, मार्गात् प्लास्टिकस्यूतानि चापसार्य पिहिते अवकरकण्डोले क्षिपन्ति)

Hindi Translation:

बच्चे: ऐसी जागरूकता से ही प्रधानमंत्री महोदय के स्वच्छता अभियान को गति मिलेगी।
विनय: देखो, देखो, वहाँ गाय सब्जी-फलों के छिलकों के साथ प्लास्टिक की थैली खा रही है। किसी तरह इसका निवारण किया जाए।

(सड़क पर केले बेचने वालों को देखकर बच्चे, केले खरीदकर गाय को खिलाते हैं और प्लास्टिक की थैलियों को सड़क से उठाकर ढके हुए कचरे के डब्बे में डाल देते हैं)

English Translation:

Children: Only with such awareness will the cleanliness drive of the Prime Minister gain momentum.
Vinay: Look, there the cow is eating a plastic bag with peels of vegetables and fruits. It should be resolved somehow.

(Seeing banana vendors on the street, children buy bananas to feed to cows and pick up plastic bags from the street and put them in covered dustbins)

  • बालाः = बच्चे (सभी मित्र एक साथ)
  • एवमेव (एवम् + एव) = इसी प्रकार से ही / ऐसे ही
  • जागरूकतया = जागरूकता से (लोगों के सचेत होने से)
  • एव = ही
  • प्रधानमन्त्रिमहोदयानाम् = आदरणीय प्रधानमंत्री जी का
  • स्वच्छताऽभियानमपि (स्वच्छता + अभियानम् + अपि) = स्वच्छता अभियान भी
  • गतिम् = गति (तेजी / रफ़्तार)
  • प्राप्स्यति = प्राप्त करेगा (आगे बढ़ेगा)
  • विनयः = विनय
  • पश्य पश्य = देखो देखो
  • तत्र = वहाँ
  • धेनुः = गाय
  • शाकफलानामावरणैः (शाक + फलानाम् + आवरणैः) = सब्जियों और फलों के छिलकों के (शाक = सब्जी, फलानाम् = फलों के, आवरणैः = छिलकों/परतों)
  • सह = साथ
  • प्लास्टिकस्यूतमपि (प्लास्टिकस्यूतम् + अपि) = प्लास्टिक की थैली भी (स्यूतम् = थैला/थैली)
  • खादति = खा रही है
  • यथाकथञ्चित् = जैसे-तैसे / किसी भी तरह से
  • निवारणीया = रोकी जानी चाहिए
  • एषा = यह (गाय को प्लास्टिक खाने से रोकना चाहिए)
  • मार्गे = रास्ते में / सड़क पर
  • कदलीफलविक्रेतारम् (कदलीफल + विक्रेतारम्) = केला बेचने वाले को (कदलीफल = केला, विक्रेतारम् = बेचने वाले को)
  • दृष्ट्वा = देखकर
  • बालाः = बच्चे
  • कदलीफलानि = केलों को
  • क्रीत्वा = खरीदकर
  • धेनुमाह्वयन्ति (धेनुम् + आह्वयन्ति) = गाय को बुलाते हैं (धेनुम् = गाय को, आह्वयन्ति = पुकारते हैं)
  • भोजयन्ति = खिलाते हैं (केले खिलाते हैं)
  • = और
  • मार्गात् = रास्ते से / सड़क से
  • प्लास्टिकस्यूतानि = प्लास्टिक की थैलियों को
  • चापसार्य (च + अपसार्य) = और हटाकर (च = और, अपसार्य = दूर करके/हटाकर)
  • पिहिते = ढके हुए (बंद)
  • अवकरकण्डोले = कूड़ेदान में
  • क्षिपन्ति = फेंकते हैं / डालते हैं।

संधि-विच्छेद और महत्वपूर्ण व्याकरण

  • स्वच्छताऽभियानमपि = स्वच्छता + अभियानम् + अपि (स्वच्छता + अभियानम् में दीर्घ संधि और पूर्वरूप का संकेत [ऽ] है)
  • शाकफलानामावरणैः = शाकफलानाम् + आवरणैः (व्यंजन संयोग)
  • चापसार्य = च + अपसार्य (च + अप + सृ + ल्यप् – ‘हटाकर’ के अर्थ में)
  • क्रीत्वा = क्री (खरीदना) + क्त्वा प्रत्यय
  • दृष्ट्वा = दृश् + क्त्वा प्रत्यय
  • पिहिते अवकरकण्डोले = बंद कूड़ेदान में (यहाँ ‘पिहिते’ विशेषण है और ‘अवकरकण्डोले’ विशेष्य है, दोनों में सप्तमी विभक्ति है)

परमिन्दर् -प्लास्टिकस्य मृत्तिकायां लयाभवात् अस्माकं पर्यावरणस्य कृते महती क्षतिः भवति। पूर्व तु कार्पासेन, चर्मणा, लौहेन, लाक्षया, मृत्तिकया, काष्ठेन वा निर्मितानि वस्तूनि एव प्राप्यन्ते स्म। अधुना तत्स्थाने प्लास्टिकनिर्मितानि वस्तूनि एव प्राप्यन्ते
वैभवः – आम् घटिपट्टिका, अन्यानि बहुविधानि पात्राणि, कलमेत्यादीनि सर्वाणि तु प्लास्टिकनिर्मितानि भवन्ति।
जोसेफ: – आम् अस्माभि: पित्रो: शिक्षकाणां सहयोगेन प्लास्टिकस्य विविधपक्षा: विचारणीया:। पर्यावरणेन सह पशव: अपि रक्षणीया:। (एवमेवालपन्तः सर्वे नदीतीरं प्राप्ता:, नदीजले निमज्जिता: भवन्ति गायन्ति च-

Hindi Translation:

परमिंदर: प्लास्टिक के मिट्टी में न घुल पाने से हमारे पर्यावरण को बहुत नुकसान पहुंचाता है। पहले तो कपास, चमड़ा, लोहा, लाख, मिट्टी या लकड़ी से बनी वस्तुएँ ही उपलब्ध थीं। अब उनके जगह केवल प्लास्टिक निर्मित उत्पाद ही उपलब्ध हैं।
वैभव: हाँ, घड़ी
का पट्टा, और भी बहुत से बर्तन, कलम आदि सब तो प्लास्टिक के बने हैं।
जोसफ: हां, हमारे द्वारा अभिभावक और शिक्षकों की सहयोग से प्लास्टिक के विभिन्न पहलुओं पर विचार करना चाहिए। पर्यावरण के साथ-साथ जीव-जंतुओं की भी रक्षा करनी चाहिए। (इस प्रकार वार्तालाप करते हुए सभी नदी के तट पर पहुँचे, नदी के जल में डुबकी लगाई और गाते हैं

English Translation:

Parmindar: Due to the non-dissolving of plastic in the soil, it harms our environment a lot. Earlier only articles made of cotton, leather, iron, lac, clay, or wood were available. Now only plastic-made products are available in their place.
Vaibhav: Yes, watch straps, many other utensils, pens, etc. are all made of plastic.
Joseph: Yes, we should consider different aspects of plastic in collaboration with parents and teachers. Along with the environment, living beings should also be protected. (Having thus talked, all reach the bank of the river, take a dip in the river, and sing

  • परमिन्दर् = परमिन्दर (मित्र का नाम)
  • प्लास्टिकस्य = प्लास्टिक के
  • मृत्तिकायाम् = मिट्टी में
  • लयाभावात् (लय + अभावात्) = नष्ट न होने के कारण (लय = विलीन/गलना, अभावात् = कमी या न होने से)
  • अस्माकम् = हमारे
  • पर्यावरणस्य = पर्यावरण के
  • कृते = लिए
  • महती = बहुत बड़ी (भारी)
  • क्षतिः = हानि / नुकसान
  • भवति = होती है
  • पूर्वम् (पूर्वं तु) = पहले
  • तु = तो
  • कार्पासेन = कपास से (सूती कपड़े से)
  • चर्मणा = चमड़े से
  • लौहेन = लोहे से
  • लाक्षया = लाख से (एक प्रकार का प्राकृतिक रेजिन)
  • मृत्तिकया = मिट्टी से
  • काष्ठेन = लकड़ी से
  • वा = या / अथवा
  • निर्मितानि = बनी हुई
  • वस्तूनि = वस्तुएँ (चीजें)
  • एव = ही
  • प्राप्यन्ते स्म = मिलती थीं (पाए जाते थे)
  • अधुना = अब / इस समय
  • तत्स्थाने (तत् + स्थाने) = उसके स्थान पर (उनकी जगह)
  • प्लास्टिकनिर्मितानि = प्लास्टिक से बनी हुई
  • वस्तूनि = वस्तुएँ
  • एव = ही
  • प्राप्यन्ते = मिलती हैं।
  • वैभवः = वैभव
  • आम् = हाँ
  • घटिपट्टिका = घड़ी की पट्टी (Watch strap)
  • अन्यानि = अन्य / दूसरे
  • बहुविधानि = बहुत प्रकार के
  • पात्राणि = बर्तन (डिब्बे/कंटेनर)
  • कलमेत्यादीनि (कलम + इत्यादिनी) = पेन (कलम) आदि
  • सर्वाणि = सभी
  • तु = तो
  • प्लास्टिकनिर्मितानि = प्लास्टिक से बने हुए
  • भवन्ति = होते हैं।
  • जोसेफः = जोसेफ
  • आम् = हाँ
  • अस्माभिः = हमारे द्वारा (हमें)
  • पित्रोः = माता-पिता के (माता और पिता दोनों के)
  • शिक्षकाणाम् = शिक्षकों के (गुरुओं के)
  • सहयोगेन = सहयोग से (मदद से)
  • प्लास्टिकस्य = प्लास्टिक के
  • विविधपक्षाः = विभिन्न पक्षों पर (इसके फायदों और नुकसानों पर)
  • विचारणीयाः = विचार करना चाहिए
  • पर्यावरणेन = पर्यावरण के
  • सह = साथ
  • पशवः = पशु (जानवर)
  • अपि = भी
  • रक्षणीयाः = बचाए जाने योग्य हैं (उनकी रक्षा की जानी चाहिए)।
  • एवमेवालपन्तः (एवम् + एव + आलपन्तः) = इस प्रकार बातचीत करते हुए ही (एवम् = इस प्रकार, एव = ही, आलपन्तः = बातचीत/चर्चा करते हुए)
  • सर्वे = सभी (सभी मित्र)
  • नडीतीरम् = नदी के किनारे
  • प्राप्ताः = पहुँच गए
  • नदीजले = नदी के पानी में
  • निमज्जिताः = डुबकी लगाते हुए (नहाते हुए)
  • भवन्ति = होते हैं (नदी के जल में उतरते हैं)
  • गायन्ति = गाते हैं
  • = और…

महत्वपूर्ण संधि-विच्छेद और व्याकरण

  • लयाभावात् = लय + अभावात् (दीर्घ स्वर संधि)
  • कलमेत्यादीनि = कलम + इति + आदीनी (कलम + इति = कलमेति [गुण संधि], इति + आदीनी = इत्यादिनी [यण् संधि])
  • पित्रोः = माता च पिता च (द्वंद्व समास – माता-पिता)
  • विचारणीयाः / रक्षणीयाः = वि + चर् + अनीयर् प्रत्यय / रक्ष् + अनीयर् प्रत्यय (‘चाहिए’ के अर्थ में)
  • एवमेवालपन्तः = एवम् + एव + आलपन्तः (एव + आलपन्तः में दीर्घ स्वर संधि है; आलपन्तः में ‘आ + लप् + शतृ’ प्रत्यय है, जिसका अर्थ है ‘बातचीत करते हुए’)

सुपर्यावरणेनास्ति जगतः सुस्थितिः सखे।
जगति जायमानानां सम्भवः सम्भवो भुवि ॥

अन्वयः – सखे सुपर्यावरणेन जगतः सुस्थितिः अस्ति। जगति जायमानानां सम्भवः भुवि सम्भवो अस्ति।

सरलार्थ/Hindi Translation: दोस्तो, दुनिया अच्छे पर्यावरण के द्वारा ही जगत अच्छी स्तिथि में है। संसार में जन्म लेने वालों की संभावना पृथ्वी पर ही संभव है।

English Translation: Friends, the world is in good condition only because of good environment. The possibility of those who are born in the world is possible only on earth.

  • सुपर्यावरणेनास्ति (सुपर्यावरणेन + अस्ति) = अच्छे पर्यावरण से ही है।
    • सुपर्यावरणेन = अच्छे / स्वच्छ पर्यावरण के द्वारा (तृतीय विभक्ति)।
    • अस्ति = है।
  • जगतः = संसार की / दुनिया की।
  • सुस्थितिः = अच्छी स्थिति / सुंदर व्यवस्था (सुरक्षित अस्तित्व)।
  • सखे = हे मित्र! / हे दोस्त!
  • जगति = संसार में।
  • जायमानानाम् = जन्म लेने वाले जीवों का (उत्पन्न होने वालों का)।
  • सम्भवः = जन्म / अस्तित्व / उत्पत्ति।
  • सम्भवो (सम्भवः) = सम्भव है (मुमकिन है)।
  • भुवि = पृथ्वी पर (धरती पर)।

संधि विच्छेद

  • सुपर्यावरणेनास्ति = सुपर्यावरणेन + अस्ति (दीर्घ स्वर संधि)
  • सम्भवो भुवि = सम्भवः + भुवि (विसर्ग उत्व संधि – विसर्ग का ‘ओ’ होना)

सर्वे – अतीवानन्दप्रदोऽयं जलविहारः।

Hindi Translation:

सभी: बहुत ही आनन्द प्रदान करने वाला है यह पानी में तैरना।

English Translation:

All: It is very enjoyable to swim in the water.

  • सर्वे = सभी (सभी मित्र एक साथ)
  • अतीवानन्दप्रदोऽयम् (अतीव + आनन्दप्रदः + अयम्) = यह बहुत आनंद देने वाला है।
    • अतीव = अत्यधिक / बहुत ज़्यादा
    • आनन्दप्रदः = आनंद (सुख) देने वाला / मज़ेदार
    • अयम् = यह
  • जलविहारः = जलक्रीड़ा / पानी में घूमना या नहाना (वाटर एक्टिविटी)

संधि विच्छेद

  • अतीवानन्दप्रदोऽयम् = अतीव + आनन्दप्रदः + अयम्
    • अतीव + आनन्दप्रदः = अतीवानन्दप्रदः (दीर्घ स्वर संधि)
    • अतीवानन्दप्रदः + अयम् = अतीवानन्दप्रदोऽयम् (विसर्ग उत्व संधि – अवग्रह रूप)

👍👍👍

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18 thoughts on “Class 8 Sanskrit Chapter 12- कः रक्षति कः रक्षितः- Hindi Translation & English Translation”

  1. It is so helpful for me but there is mistake in that Roseline part .Does anyone notice that ???. 🙄☺️

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