Sanskrit Grammar Class 6 – धातु-रूपाणि

क्रिया के मूल रूप को धातु कहते हैं। धातु तीन प्रकार के होते हैं- परस्मैपदी, आत्मनेपदी और उभयपदी। इस कक्षा 6 में आपको सिर्फ परस्मैपदी धातु पढ़ना है। परस्मैपदी, आत्मनेपदी और उभयपदी – इन तीनों के बारे में अगली कक्षा में विस्तारपूर्वक पढ़ेंगे ये सिर्फ मैंने आपकी जानकारी बढ़ाने के लिए बताया है अभी आपको सिर्फ और सिर्फ पठ् (पढ़ना) का पाँचो लकारों धातु-रूप याद करना है। बस। Don’t think about परस्मैपदी, आत्मनेपदी और उभयपदी right now

इन धातुओं के रूप चलते हैं – पाँच लकार (According to your syllabus) और तीन वचन में। 

  1. लट् लकार (वर्तमान काल/ Present Tense)

2. लृट् लकार (भविष्य काल/Future Tense)

3. लङ् लकार (भूत काल/Past Tense)

4. लोट् लकार (अनुज्ञा/आदेश) (permission/order)

5. विधिलिङ्लकारः (विधिः/सम्भावना) Method/ possibility

धातु-रूपाणि
पठ् (पढ़ना)

लट्लकारः (वर्तमानकालः)

पुरुषःएकवचनम्द्विवचनम्बहुवचनम्
प्रथमपुरुषः पठति पठतः पठन्ति
मध्यमपुरुषःपठसि पठथः पठथ
उत्तमपुरुषः पठामि पठावः पठामः

लृट्लकारः ( भविष्यत्काल:)

पुरुषःएकवचनम्द्विवचनम्बहुवचनम्
प्रथमपुरुषः पठिष्यतिपठिष्यतः पठिष्यन्ति
मध्यमपुरुषः पठिष्यसिपठिष्यथः पठिष्यथ
उत्तमपुरुषः पठिष्यामि पठिष्यावः पठिष्यामः

लङ्लकारः (अतीतकालः)

पुरुषःएकवचनम्द्विवचनम्बहुवचनम्
प्रथमपुरुषःअपठत्अपठताम्अपठन्
मध्यमपुरुषःअपठः अपठतम्अपठत
उत्तमपुरुषःअपठम्अपठाव अपठाम

लोट्लकारः (अनुज्ञा/आदेश:)

पुरुषःएकवचनम्द्विवचनम्बहुवचनम्
प्रथमपुरुषःपठतु पठताम् पठन्तु
मध्यमपुरुषः पठपठतम् पठत
उत्तमपुरुषःपठानि पठाव पठाम

विधिलिङ्लकारः (विधिः/सम्भावना)

पुरुषःएकवचनम्द्विवचनम्बहुवचनम्
प्रथमपुरुषःपठेत् पठेताम् पठेयुः
मध्यमपुरुषः पठेः पठेतम् पठेत
उत्तमपुरुषः पठेयम् पठेव पठेम

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